सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र के दियारा इलाके में कोसी नदी की मुख्य धारा का जलस्तर लगातार बढ़ने से स्थानीय लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। 3 नवंबर को जलस्तर में आई तेजी के कारण निचले इलाकों में पानी फैल गया, जिससे पैदल आवागमन लगभग ठप हो गया। ग्रामीणों को आपात स्थिति में नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कोसी बैराज से छोड़े गए पानी और स्थानीय वर्षा के कारण नदी उफान पर है।
दियारा क्षेत्र के कई गांव—जैसे बसंतपुर, मधेपुरा टोला, सलखुआ दियारा—में सड़क संपर्क पूरी तरह से कट गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों, खेतों में काम करने वाले किसानों और बाजार जाने वाले लोगों को नाव से नदी पार करनी पड़ रही है। स्थानीय नाविकों ने किराया बढ़ा दिया है, जिससे आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। कई परिवारों ने बताया कि पीने का पानी और राशन जुटाना भी मुश्किल हो गया है।
सलखुआ प्रखंड के अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर की निगरानी की जा रही है और राहत सामग्री के लिए नावों की व्यवस्था की गई है। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि अभी तक कोई ठोस राहत शिविर नहीं खोला गया है। एक स्थानीय शिक्षक ने बताया कि पिछले तीन दिनों से नावों की संख्या कम पड़ रही है, जिससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
कोसी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश और नेपाल से आ रहे पानी के कारण आगामी दिनों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दियारा क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और जरूरत पड़ने पर नावों से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने की योजना बनाई है। प्रशासन ने नाविकों को उचित किराया लेने का निर्देश दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोसी नदी के बदलते रुख और दियारा क्षेत्र की भौगोलिक संवेदनशीलता के कारण हर साल ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। स्थायी समाधान के लिए नदी के किनारे तटबंधों की मरम्मत और नावों की समुचित व्यवस्था जरूरी है। फिलहाल, दियारा के लोग नावों के सहारे अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर रहे हैं और प्रशासन की ओर से राहत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।